- Post by Admin on Monday, Jun 01, 2026
- 208 Viewed
![]()
कमलेश यादव : किसी भी समाज की असली पहचान उसके उन लोगों से होती है जो बिना किसी प्रसिद्धि की चाह के वर्षों तक सेवा, संस्कृति, शिक्षा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहते हैं। ऐसे ही अनगिनत प्रेरणादायक व्यक्तित्व हमारे जनजातीय समुदायों में मौजूद हैं, जिनकी उपलब्धियां न केवल समाज बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं। भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला पद्म श्री सम्मान ऐसे ही असाधारण व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजातीय समुदाय के उन योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तियों की पहचान एवं नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोसीर रोड कॉलेज के पास, सारंगढ़ द्वारा 5 जून 2026 तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह पहल जनजातीय समाज के उन नायकों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कर रही है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारत सरकार के पद्म पुरस्कारों, विशेषकर पद्म श्री सम्मान के लिए ऐसे व्यक्तियों का चयन किया जाता है जिन्होंने कला, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, लोक संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान, चिकित्सा, खेल अथवा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया हो। अक्सर दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत अनेक प्रतिभाएं राष्ट्रीय पहचान से वंचित रह जाती हैं। यह नामांकन अभियान उन प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘जनजातीय गरिमा सम्मान 2026’ के अंतर्गत भी योग्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। निर्धारित नामांकन प्रपत्र के अनुसार जाति, व्यवसाय, पद अथवा लिंग के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। कोई भी ऐसा व्यक्ति, जिसने अपने क्षेत्र में विशिष्ट या असाधारण सेवा प्रदान की हो तथा लोकहित और उत्कृष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया हो, नामांकन के लिए पात्र है।
आवेदक कला, समाज कार्य, सार्वजनिक मामलों, चिकित्सा, साहित्य एवं शिक्षा, सिविल सेवा, खेल अथवा अन्य किसी क्षेत्र से संबंधित हो सकता है। हालांकि सेवारत सरकारी कर्मचारी सामान्यतः पात्र नहीं होंगे, लेकिन डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को इस नियम में विशेष छूट प्रदान की गई है। इससे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को अवसर मिल सकेगा।
जिला प्रशासन और आदिवासी विकास विभाग ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के ऐसे जनजातीय व्यक्तित्वों की पहचान कर उनका नामांकन करें, जो पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के योग्य हों।
अन्य समाचार
युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का अवसर, शासकीय पॉलिटेक्निक राजनांदगांव में प्रवेश प्रक्रिया 11 से 15 जून तक
विदित हो कि संस्था में मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग एंट्रेंस मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जैसी रोजगार उन्मुख तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है ।
Read More...
सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : 42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
Read More...
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर जंगल में 250 देसी आम के बीज फेंके
जंगल में प्राकृतिक फल वाले पेड़ कम होते जा रहे हैं। ऐसे में गुठली रोपण से 5-7 साल में फलदार वृक्षों से भर जाएगा। इससे पशु -पक्षियों को भोजन के लिए गांवों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।
Read More...
राष्ट्रपति भवन से जंगलों तक गूंजी वीरता की गाथा, छत्तीसगढ़ के जांबाज अफसरों ने रचा शौर्य का नया इतिहास
राष्ट्रपति भवन में मिला यह शौर्य चक्र केवल दो अफसरों की बहादुरी का सम्मान नहीं है। यह उन अनगिनत जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन है, जो हर दिन देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहकर चुनौतियों का सामना करते हैं।
Read More...
दृढ़ इच्छाशक्ति और समाजसेवा का भाव किसी भी महिला को नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है...श्रीमती हेमा देशमुख की प्रेरक यात्रा
आज लगभग 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहते हुए श्रीमती हेमा देशमुख वर्तमान में महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।
Read More...
दूरदर्शन केंद्र में हुए संवाद कार्यक्रम...मुख्यमंत्री ने की ड्रोन दीदी शांति विश्वकर्मा की सराहना
कार्यक्रम में ड्रोन दीदियों की उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और संकल्प मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
Read More...
विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सुनहरा अवसर: समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी) ठाकुरटोला में प्रवेश प्रारंभ
समेकित क्षेत्रीय केंद्र ठाकुरटोला, राजनांदगांव में पुनर्वास परिषद इंडिया (आर.सी.आई.), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय पूर्णकालिक डिप्लोमा इन एजुकेशन स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.) पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम बौद्धिक एवं विकासात्मक विकलांगता के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है तथा विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाता है।
Read More...
विशेष बच्चों के लिए धमतरी में लगा स्पीच एवं स्पेशल एजुकेशन वर्कशॉप
वर्कशॉप में राजनांदगांव की प्रसिद्ध स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ रजनी राठी ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बच्चों की समस्याओं का परीक्षण कर अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया। साथ ही बच्चों के व्यवहार, भाषा विकास और संचार क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कई उपयोगी सुझाव भी साझा किए।
Read More...
‘प्लास्टिक के जाल’ में कैद होती ग्रामीण संस्कृति, कला ने बयां किया दर्द
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के राजमहल परिसर के सामने जब लोगों की नजर बांस से बनी एक झोपड़ी पर पड़ी, जो काली पन्नियों और प्लास्टिक में जकड़ी हुई थी, तो हर कोई कुछ पल के लिए ठहर गया। यह सिर्फ एक कला प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद का जीवंत चित्रण था।
Read More...
मदर्स डे विशेष : घर, बच्चे और करियर… ममता और मेहनत की मिसाल रश्मि हरिहारनो का प्रेरक सफर
मदर्स डे के इस विशेष अवसर पर शहर की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन रश्मि हरिहारनो की कहानी हर उस महिला को प्रेरणा देती है, जो परिवार और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। रश्मि ने यह साबित किया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो एक महिला घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सकती है।
Read More...