- Post by Admin on Saturday, May 23, 2026
- 255 Viewed
![]()
धमतरी : गौरवपथ रोड स्थित अर्पिता स्पेशल एजुकेशन एंड स्पीच क्लास के तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य उन बच्चों को उचित मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करना था, जो तुतलाने, हकलाने, शब्दों का सही उच्चारण न कर पाने तथा ऑटिज्म जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कार्यक्रम में अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ सहभागिता की।
गौरतलब है कि, वर्कशॉप में राजनांदगांव की प्रसिद्ध स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ रजनी राठी ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बच्चों की समस्याओं का परीक्षण कर अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया। साथ ही बच्चों के व्यवहार, भाषा विकास और संचार क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कई उपयोगी सुझाव भी साझा किए।
इस दौरान बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे उनकी बोलने, समझने और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने का प्रयास किया गया। अभिभावकों ने भी विशेषज्ञों से संवाद कर बच्चों की समस्याओं के समाधान संबंधी जानकारी प्राप्त की। वर्कशॉप में बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर लाभ पहुंचा, जिससे अभिभावकों में सकारात्मक उम्मीद जगी।
कार्यक्रम में अर्पिता स्पेशल एजुकेशन एंड स्पीच क्लास की संचालिका एवं स्पेशल एजुकेटर मेघा तिवारी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विशेष बच्चों के विकास और समाज में उनकी बेहतर सहभागिता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अभिभावकों ने संस्था और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
अन्य समाचार
युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का अवसर, शासकीय पॉलिटेक्निक राजनांदगांव में प्रवेश प्रक्रिया 11 से 15 जून तक
विदित हो कि संस्था में मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग एंट्रेंस मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जैसी रोजगार उन्मुख तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है ।
Read More...
सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : 42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
Read More...
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर जंगल में 250 देसी आम के बीज फेंके
जंगल में प्राकृतिक फल वाले पेड़ कम होते जा रहे हैं। ऐसे में गुठली रोपण से 5-7 साल में फलदार वृक्षों से भर जाएगा। इससे पशु -पक्षियों को भोजन के लिए गांवों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।
Read More...
राष्ट्रपति भवन से जंगलों तक गूंजी वीरता की गाथा, छत्तीसगढ़ के जांबाज अफसरों ने रचा शौर्य का नया इतिहास
राष्ट्रपति भवन में मिला यह शौर्य चक्र केवल दो अफसरों की बहादुरी का सम्मान नहीं है। यह उन अनगिनत जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन है, जो हर दिन देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहकर चुनौतियों का सामना करते हैं।
Read More...
दृढ़ इच्छाशक्ति और समाजसेवा का भाव किसी भी महिला को नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है...श्रीमती हेमा देशमुख की प्रेरक यात्रा
आज लगभग 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहते हुए श्रीमती हेमा देशमुख वर्तमान में महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।
Read More...
दूरदर्शन केंद्र में हुए संवाद कार्यक्रम...मुख्यमंत्री ने की ड्रोन दीदी शांति विश्वकर्मा की सराहना
कार्यक्रम में ड्रोन दीदियों की उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और संकल्प मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
Read More...
पद्म पुरस्कार की राह पर जनजातीय प्रतिभाएं: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5 जून तक आमंत्रित किए जा रहे नामांकन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजातीय समुदाय के उन योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तियों की पहचान एवं नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र हैं।
Read More...
विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सुनहरा अवसर: समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी) ठाकुरटोला में प्रवेश प्रारंभ
समेकित क्षेत्रीय केंद्र ठाकुरटोला, राजनांदगांव में पुनर्वास परिषद इंडिया (आर.सी.आई.), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय पूर्णकालिक डिप्लोमा इन एजुकेशन स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.) पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम बौद्धिक एवं विकासात्मक विकलांगता के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है तथा विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाता है।
Read More...
‘प्लास्टिक के जाल’ में कैद होती ग्रामीण संस्कृति, कला ने बयां किया दर्द
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के राजमहल परिसर के सामने जब लोगों की नजर बांस से बनी एक झोपड़ी पर पड़ी, जो काली पन्नियों और प्लास्टिक में जकड़ी हुई थी, तो हर कोई कुछ पल के लिए ठहर गया। यह सिर्फ एक कला प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद का जीवंत चित्रण था।
Read More...
मदर्स डे विशेष : घर, बच्चे और करियर… ममता और मेहनत की मिसाल रश्मि हरिहारनो का प्रेरक सफर
मदर्स डे के इस विशेष अवसर पर शहर की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन रश्मि हरिहारनो की कहानी हर उस महिला को प्रेरणा देती है, जो परिवार और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। रश्मि ने यह साबित किया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो एक महिला घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सकती है।
Read More...