- Post by Admin on Sunday, May 31, 2026
- 269 Viewed
![]()
कमलेश यादव : जीवन में सफलता केवल अपने लिए आगे बढ़ने का नाम नहीं है, बल्कि उन लोगों के जीवन में भी प्रकाश फैलाने का अवसर है जिन्हें विशेष सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यदि आपके भीतर समाज सेवा का भाव है और आप विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं, तो समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.) ठाकुरटोला, राजनांदगांव आपके लिए एक उत्कृष्ट मंच लेकर आया है।
समेकित क्षेत्रीय केंद्र ठाकुरटोला, राजनांदगांव में पुनर्वास परिषद इंडिया (आर.सी.आई.), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय पूर्णकालिक डिप्लोमा इन एजुकेशन स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.) पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम बौद्धिक एवं विकासात्मक विकलांगता के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है तथा विद्यार्थियों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाता है।
इसके साथ ही संस्थान में डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रिटेशन (डी.आई.एस.एल.आई.) पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है, जो श्रवण बाधित व्यक्तियों और समाज के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बनने का अवसर प्रदान करता है। यह कोर्स युवाओं को एक सम्मानजनक और रोजगारोन्मुखी करियर की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।
तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र में सी.सी.सी. (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स) तथा जी.पी. छह माह का पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के डिजिटल कौशल को विकसित कर उन्हें आधुनिक कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं।
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान में बस एवं समृद्ध लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण, अनुभवी प्रशिक्षक और आधुनिक संसाधन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जो युवा शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक सार्थक और सम्मानजनक करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। इच्छुक अभ्यर्थी शीघ्र ही समेकित क्षेत्रीय केंद्र ठाकुरटोला, राजनांदगांव में संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।
अन्य समाचार
युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का अवसर, शासकीय पॉलिटेक्निक राजनांदगांव में प्रवेश प्रक्रिया 11 से 15 जून तक
विदित हो कि संस्था में मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट, कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग एंट्रेंस मेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी जैसी रोजगार उन्मुख तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित है ।
Read More...
सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : 42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
Read More...
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन्मदिन पर जंगल में 250 देसी आम के बीज फेंके
जंगल में प्राकृतिक फल वाले पेड़ कम होते जा रहे हैं। ऐसे में गुठली रोपण से 5-7 साल में फलदार वृक्षों से भर जाएगा। इससे पशु -पक्षियों को भोजन के लिए गांवों की ओर नहीं भटकना पड़ेगा।
Read More...
राष्ट्रपति भवन से जंगलों तक गूंजी वीरता की गाथा, छत्तीसगढ़ के जांबाज अफसरों ने रचा शौर्य का नया इतिहास
राष्ट्रपति भवन में मिला यह शौर्य चक्र केवल दो अफसरों की बहादुरी का सम्मान नहीं है। यह उन अनगिनत जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन है, जो हर दिन देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहकर चुनौतियों का सामना करते हैं।
Read More...
दृढ़ इच्छाशक्ति और समाजसेवा का भाव किसी भी महिला को नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है...श्रीमती हेमा देशमुख की प्रेरक यात्रा
आज लगभग 25 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहते हुए श्रीमती हेमा देशमुख वर्तमान में महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।
Read More...
दूरदर्शन केंद्र में हुए संवाद कार्यक्रम...मुख्यमंत्री ने की ड्रोन दीदी शांति विश्वकर्मा की सराहना
कार्यक्रम में ड्रोन दीदियों की उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और संकल्प मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।
Read More...
पद्म पुरस्कार की राह पर जनजातीय प्रतिभाएं: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 5 जून तक आमंत्रित किए जा रहे नामांकन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनजातीय समुदाय के उन योग्य और प्रेरणादायक व्यक्तियों की पहचान एवं नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जो पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र हैं।
Read More...
विशेष बच्चों के लिए धमतरी में लगा स्पीच एवं स्पेशल एजुकेशन वर्कशॉप
वर्कशॉप में राजनांदगांव की प्रसिद्ध स्पीच थैरेपी विशेषज्ञ रजनी राठी ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बच्चों की समस्याओं का परीक्षण कर अभिभावकों को आवश्यक परामर्श दिया। साथ ही बच्चों के व्यवहार, भाषा विकास और संचार क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कई उपयोगी सुझाव भी साझा किए।
Read More...
‘प्लास्टिक के जाल’ में कैद होती ग्रामीण संस्कृति, कला ने बयां किया दर्द
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के राजमहल परिसर के सामने जब लोगों की नजर बांस से बनी एक झोपड़ी पर पड़ी, जो काली पन्नियों और प्लास्टिक में जकड़ी हुई थी, तो हर कोई कुछ पल के लिए ठहर गया। यह सिर्फ एक कला प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद का जीवंत चित्रण था।
Read More...
मदर्स डे विशेष : घर, बच्चे और करियर… ममता और मेहनत की मिसाल रश्मि हरिहारनो का प्रेरक सफर
मदर्स डे के इस विशेष अवसर पर शहर की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन रश्मि हरिहारनो की कहानी हर उस महिला को प्रेरणा देती है, जो परिवार और अपने सपनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। रश्मि ने यह साबित किया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो एक महिला घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी सफलता की नई ऊँचाइयों को छू सकती है।
Read More...