रजनी : आज के समय में जहां युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर की दिशा तलाशते हैं, वहीं 23 वर्षीय अंजली सरदाना ने कुछ अलग कर दिखाया। उन्होंने महज एक साल के भीतर अपने स्टार्टअप ‘प्रोंटो’ को 100 मिलियन डॉलर की कंपनी बना दिया, जो अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स में गिना जा रहा है।

अंजली ने 2024 में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की। लेकिन उनकी असली रुचि वित्त और निवेश की दुनिया में थी। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने निवेश कार्यालय के साथ काम करते हुए बड़े फंड्स का विश्लेषण किया और बाजार की गहरी समझ विकसित की।

अपने करियर की शुरुआत में ही अंजली ने न्यूयॉर्क की मॉर्गन स्टेनली में इंटर्नशिप की और बाद में 8VC और बेन कैपिटल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम किया। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि निवेशक कैसे सोचते हैं और किसी व्यवसाय को बड़े स्तर तक कैसे पहुंचाया जाता है।

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने ‘प्रोंटो’ की शुरुआत की। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो घर से जुड़े काम जैसे सफाई, बर्तन और कपड़े धोने के लिए प्रशिक्षित और सत्यापित कर्मचारियों को तुरंत उपलब्ध कराता है। इसकी खासियत यह है कि कई बार सेवाएं केवल 10 मिनट के भीतर ही मिल जाती हैं।

गुरुग्राम में एक छोटे से केंद्र से शुरू हुई यह कंपनी शुरुआत में रोज़ाना करीब 170 बुकिंग संभालती थी। लेकिन कुछ ही महीनों में यह संख्या तेजी से बढ़कर 18,000 प्रतिदिन तक पहुंच गई। आज प्रोंटो दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है।

कंपनी की तेज़ वृद्धि को देखते हुए निवेशकों ने भी इसमें भरोसा जताया। मार्च 2026 में प्रोंटो ने 25 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 100 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इससे पहले भी 2025 में कंपनी 11 मिलियन डॉलर जुटा चुकी थी।

प्रोंटो सिर्फ एक सुविधा देने वाला ऐप नहीं है, बल्कि यह भारत के असंगठित घरेलू कामकाज क्षेत्र को संगठित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। अंजली सरदाना का यह प्रयास न केवल व्यवसायिक सफलता की कहानी है, बल्कि समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा भी देता है।

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