- Post by Admin on Monday, Aug 25, 2025
- 649 Viewed
![]()
गोपी : “ये कुछ नहीं कर पाएगी, पढ़ा-लिखाकर कोई फायदा नहीं…” ऐसे ताने नूर को बचपन से सुनने पड़े। Locomotor Disability से जूझते हुए, उनका शारीरिक रूप बाकी बच्चों से अलग था, लेकिन उनका हौसला और सोच हमेशा सबसे खास रही। नूर ने उन तानों को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि प्रेरणा बनाया।
स्कूल और कॉलेज के दिनों से लेकर पब्लिक प्लेसेज़ तक, नूर को अक्सर लोगों की अजीब निगाहों और सवालों का सामना करना पड़ा। लेकिन परिवार का सपोर्ट और खुद की मेहनत ने उन्हें कभी हारने नहीं दिया। उन्होंने B.Com की पढ़ाई पूरी की और अपने सपनों की उड़ान भरने का साहस दिखाया।
साल 2021 में नूर ने सिर्फ इंटर्नशिप से मिले छोटे से Stipend से अपना Online Clothing Business “Comfo By Noor” शुरू किया। आर्थिक चुनौतियों और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने दिन-रात मेहनत की। धीरे-धीरे उनका बिजनेस लोगों के बीच पहचान बनाने लगा और आज नूर एक सफल बिज़नेस वुमन के साथ-साथ कॉर्पोरेट जॉब भी संभाल रही हैं।
नूर की कहानी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मंज़िल पाना असंभव नहीं। Disability को लोग कमजोरी मानते हैं, लेकिन नूर ने साबित कर दिया कि यही कमजोरी आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
आज नूर न सिर्फ़ अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से दूसरों के लिए प्रेरणा बनी हैं, बल्कि उन्होंने समाज को यह संदेश दिया है कि असली सुंदरता इंसान की सोच और जज्बे में होती है, न कि शारीरिक बनावट में। सचमुच, नूर उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं जो अपनी कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।
अन्य समाचार
बढ़ती महंगाई के दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ते कदम : राजनांदगांव के आमीन मोटर्स में बढ़ी ई-रिक्शा की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एक सामान्य ई-रिक्शा प्रतिदिन 80 से 120 किलोमीटर तक चल सकता है और इसकी चार्जिंग लागत पारंपरिक ईंधन की तुलना में बेहद कम होती है
Read More...
कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की जिद ने दिलाई अलग पहचान...युवा उद्यमी शरद सोनी बने युवाओं के लिए प्रेरणा
आज शरद मोटर्स केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। जिले के कई युवा उन्हें देखकर स्वरोजगार और व्यवसाय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं। शरद सोनी का मानना है कि सफलता पाने के लिए बड़ा सपना देखना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है उस सपने के लिए लगातार मेहनत करना।
Read More...
काम ऐसा कि पहचान बन जाए...व्यवहार से जीते दिल, मेहनत से जीती दुनिया
शहाबुद्दीन अंसारी मानते हैं कि यदि इंसान अपने काम को पूरी लगन और जिम्मेदारी से करे, तो सफलता एक दिन जरूर उसके कदम चूमती है।
Read More...
23 वर्षीय अंजली सरदाना ने एक साल में खड़ा किया 100 मिलियन डॉलर का स्टार्टअप ‘प्रोंटो’
अंजली ने 2024 में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की। लेकिन उनकी असली रुचि वित्त और निवेश की दुनिया में थी। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने निवेश कार्यालय के साथ काम करते हुए बड़े फंड्स का विश्लेषण किया और बाजार की गहरी समझ विकसित की।
Read More...
रुचि संस्था के हैंडीक्राफ्ट बैग्स ने मुंबई में जीता सभी का दिल
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नाबार्ड हेड ऑफिस मुंबई में 9 मार्च से 11 मार्च तक तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया
Read More...
मां दंतेश्वरी हर्बल समूह: औषधीय पौधों का बाजार लगातार बढ़ रहा है और आयुष क्षेत्र का कारोबार तेजी से विस्तार पा रहा है... ऐसे में बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र इस परिवर्तन के केंद्र में हैं
किसानों ने काली मिर्च, ऑस्ट्रेलियन टीक, हल्दी, एनाटो, सफेद मूसली और स्टीविया जैसी फसलों का अवलोकन किया तथा अश्वगंधा और कपिकच्छु के बीज निःशुल्क प्राप्त किए। बड़ी संख्या में किसानों ने जैविक पद्धति से जड़ी-बूटी खेती अपनाने का संकल्प लिया।
Read More...
स्वदेशी मेले में आत्मनिर्भरता की चमक, रुचि महिला मंडल के हस्तनिर्मित बैग बने आकर्षण का केंद्र
मेले में आए खरीदारों का कहना है कि इन हस्तनिर्मित बैगों की गुणवत्ता बड़े ब्रांड्स को भी टक्कर देती है, जबकि कीमतें सभी लोगों की पहुंच में हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की भावना के साथ लोग इन बैगों की खरीदारी कर रहे हैं
Read More...
आधुनिकता के नए सफर में किसानों के साथ...ई-रिक्शा किसानों के लिए नई ऊर्जा, नई संभावनाओं और आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बन चुका है और इस बदलाव की धड़कन हैं आमीन मोटर्स
सुबह की पहली किरण के साथ खेतों से निकला किसान जब ई-रिक्शे में अपना ताज़ा उत्पाद लेकर मंडी पहुँचता है, तो उसके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलकता है, क्योंकि अब उसके पास अपनी उपज को सही समय पर, सही दाम पर बेचने की ताकत है।
Read More...
power of social media : सोशल मीडिया की ताकत से युवा उद्यमी जितेंद्र वर्मा ने बदल दी तस्वीर…आज देश-विदेश से लोग उनके फार्म पर इन दुर्लभ और अनोखी नस्ल की बकरियों को देखने आते हैं
जितेंद्र ने पूजा बोअर बकरी फार्म की स्थापना करके व्यवसाय की दुनिया में कदम रखा। यह फार्म दक्षिण अफ्रीकी बोअर बकरियों की विशेष नस्ल के लिए जाना जाता है।
Read More...
आत्मनिर्भर भारत की नायिकाएँ बनेंगी ‘बीमा सखी’, आप भी कर सकती हैं आवेदन
बीमा सखी योजना ग्रामीण भारत में महिलाओं को सशक्त बनाते हुए उन्हें वित्तीय सेवाओं की अग्रदूत बना रही है। एलआईसी और ग्रामीण विकास मंत्रालय की साझेदारी से शुरू की गई यह योजना महिलाओं को बीमा एजेंट के रूप में प्रशिक्षित कर न सिर्फ उन्हें रोज़गार दे रही है, बल्कि गाँव-गाँव में सामाजिक सुरक्षा और बीमा योजनाओं की पहुँच भी बढ़ा रही है।
Read More...