रजनी, राजनांदगांव : शहर के स्टेट स्कूल मैदान में 22 जनवरी से 28 जनवरी तक चल रहे स्वदेशी मेले में आत्मनिर्भर भारत की सशक्त तस्वीर देखने को मिल रही है। मेले में जहां एक ओर देसी उत्पादों की विविधता लोगों को आकर्षित कर रही है, वहीं रुचि महिला मंडल द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित बैग अपनी गुणवत्ता, डिज़ाइन और उपयोगिता के कारण विशेष पहचान बना रहे हैं। हर आयु वर्ग के लोग इन बैगों की ओर खिंचे चले आ रहे हैं, जिससे स्टॉल पर दिनभर भीड़ बनी हुई है।

गौरतलब है कि, स्वदेशी मेले में रुचि महिला मंडल का स्टॉल महिलाओं की मेहनत और हुनर की जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। यहां प्रदर्शित बैग न केवल आकर्षक रंगों और डिज़ाइनों में उपलब्ध हैं, बल्कि उनकी मजबूती और फिनिशिंग भी ग्राहकों को खासा प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि मेले में आने वाला लगभग हर आगंतुक इन बैगों को हाथ में लेकर देखने से खुद को रोक नहीं पा रहा।

ज्ञात हो कि रुचि महिला मंडल का संचालन महिला उद्यमी श्रीमती रचना शर्मा द्वारा किया जा रहा है, जो सैकड़ों महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। घर की चारदीवारी से निकलकर महिलाएं अपने हुनर को पहचान दे रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। यह पहल न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दे रही है।

मेले में आए खरीदारों का कहना है कि इन हस्तनिर्मित बैगों की गुणवत्ता बड़े ब्रांड्स को भी टक्कर देती है, जबकि कीमतें सभी लोगों की पहुंच में हैं। स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की भावना के साथ लोग इन बैगों की खरीदारी कर रहे हैं और महिलाओं के इस प्रयास की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।

स्वदेशी मेला सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे रहा है। रुचि महिला मंडल का यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं।

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